ऋषिकेश पंचांग के 5 अंग
ऋषिकेश के सटीक अक्षांश एवं देशांतर के आधार पर गणना किए गए 5 मुख्य ज्योतिषीय अंग।
कृष्ण द्वितीया
कृष्ण पक्ष (घटता चंद्रमा)
श्रवण
शुभ कार्यों, पूजा-अर्चना एवं संकल्प के लिए अत्यंत अनुकूल खगोलीय ऊर्जा
शूल
सूर्य एवं चंद्र के देशांतर का शुभ संयोजन
विष्टि
सक्रिय अर्ध-तिथि जो विशिष्ट दैनिक कार्यों का मार्गदर्शन करती है
रविवार
शासक अधिपति ग्रह: सूर्य
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ऋषिकेश के शुभ व अशुभ मुहूर्त
दैनिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ समय और ध्यान रखने योग्य अशुभ काल
11:52 AM - 12:40 PM
सर्वोत्तम शुभ कालनए उद्यम, अनुबंध, खरीदारी एवं मांगलिक कार्यों के लिए विजय प्रदायक समय।
03:17 PM - 04:47 PM
नया कार्य न करेंराहु द्वारा शासित अवधि। इस दौरान नया व्यवसाय, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से बचें।
10:46 AM - 12:16 PM
सावधानी बरतेंयम द्वारा शासित समय; यात्रा एवं महत्वपूर्ण निर्णयों में संयम रखें।
03:17 PM - 04:47 PM
पुनरावृत्ति कालशनि पुत्र गुलिक द्वारा शासित; इस समय किया गया कार्य बार-बार दोहराया जाता है।
ऋषिकेश पंचांग से संबंधित मुख्य प्रश्न
ऋषिकेश में पंचांग का समय अन्य शहरों से भिन्न क्यों होता है?
पंचांग की गणना स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर करती है, जो ऋषिकेश के सटीक अक्षांश-देशांतर (30.09° N, 78.27° E) पर आधारित है।
ऋषिकेश में आज सबसे शुभ समय कौन सा है?
आज ऋषिकेश में अभिजीत मुहूर्त (11:52 AM - 12:40 PM) नया कार्य शुरू करने के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
ऋषिकेश में आज की तिथि और नक्षत्र कैसे निर्धारित होते हैं?
वैदिक परंपरा के अनुसार, ऋषिकेश में स्थानीय सूर्योदय के समय जो तिथि व नक्षत्र विद्यमान होते हैं, वही पूरे दिन मान्य होते हैं।
